जन भारत टाइम्स
संपादकीय
शासन प्रशासन
हिंदुस्तान की तमाम जनता जनार्दन को मेरा प्रणाम
किसी भी परिस्थिति को देखते हुए एक बात ये मानकर चलनी चाहिए की जनता को लालच दे कर सत्ता में आओ और मलाई खाओ क्या जनता में इतनी अक्ल नहीं है कुछ लोग वोट की खातिर उन्हें तमाम तरह तरह के लोभ प्रलोभ दे कर बर्गलाएंगे लेकिन हमें सचेत रहने की जरुरत है क्या किसी नेता की इतनी औकात होनी चाहिए की वो देश के शहीदों का अपमान कर सके वाह जनता वाह क्या है वैसे हमारी जनता जनार्दन सब जानते हुए भी अनजान नहीं है फिर भी वो कही न कही बहक ही जाती है जैसे एक नेता जी पहले लैपटॉप दिया अब मोबाइल देंगे
अरे भाइयो मत आओ किसी के बहकावे में खुद सचाई को देखे
धीरेन्द्र त्रिपाठी
संपादकीय
शासन प्रशासन
हिंदुस्तान की तमाम जनता जनार्दन को मेरा प्रणाम
किसी भी परिस्थिति को देखते हुए एक बात ये मानकर चलनी चाहिए की जनता को लालच दे कर सत्ता में आओ और मलाई खाओ क्या जनता में इतनी अक्ल नहीं है कुछ लोग वोट की खातिर उन्हें तमाम तरह तरह के लोभ प्रलोभ दे कर बर्गलाएंगे लेकिन हमें सचेत रहने की जरुरत है क्या किसी नेता की इतनी औकात होनी चाहिए की वो देश के शहीदों का अपमान कर सके वाह जनता वाह क्या है वैसे हमारी जनता जनार्दन सब जानते हुए भी अनजान नहीं है फिर भी वो कही न कही बहक ही जाती है जैसे एक नेता जी पहले लैपटॉप दिया अब मोबाइल देंगे
अरे भाइयो मत आओ किसी के बहकावे में खुद सचाई को देखे
धीरेन्द्र त्रिपाठी
