Jan Bharat Times: October 2016          



 


  

Jan Bharat Times

Jan Bharat Times: October 2016

Wednesday, October 19, 2016

                            जन भारत टाइम्स
                     संपादकीय
शासन प्रशासन

हिंदुस्तान की तमाम जनता जनार्दन को मेरा प्रणाम



   किसी भी परिस्थिति को देखते हुए एक बात ये मानकर चलनी चाहिए की जनता को लालच दे कर सत्ता में आओ और मलाई खाओ क्या जनता में इतनी अक्ल नहीं है कुछ लोग वोट की खातिर उन्हें तमाम तरह तरह के लोभ प्रलोभ दे कर बर्गलाएंगे लेकिन हमें सचेत रहने की जरुरत है क्या किसी नेता की इतनी औकात होनी चाहिए की वो देश के शहीदों का अपमान कर सके वाह जनता वाह क्या है वैसे हमारी जनता जनार्दन सब जानते हुए भी अनजान नहीं है फिर भी वो कही न कही बहक ही जाती है जैसे एक नेता जी पहले लैपटॉप दिया अब मोबाइल देंगे

अरे भाइयो मत आओ किसी के बहकावे में खुद सचाई को देखे

धीरेन्द्र त्रिपाठी

       



चौदहवीं का चाँद

करवाचौथ पर जोक्स भेज कर जो सभी गलती कर रहे वो ही आप भी कर रहे हैं ।
अचानक मन में कुछ सवाल भी खड़े हुए सोचा आपके समक्ष रख कर कुछ प्राश्चित करूँ ।
सभी लोग करवाचौथ पर जोक्स भेज रहे हैं कोई पतियों को उल्लू पूजा जायेगा , या फिर पत्नियों पर जोक्स की भूखी शेरनी , या फिर अलग अलग तरीके के मेसेज ।
सभी मेसेज का एक ही मतलब कि यह कोई  त्योहार न होकर कोई ड्रामा हो रहा है। पतियों की पूजा दिखावे के लिए हो रही है।

एक बात समझ नही आई किसी ने भी महिलाओं के इस कठिन तप रुपी व्रत की सराहना की? उनकी हौसला बढाने की कोशिश की ?
उनका व्रत सफ़ल हो और उनको ईश्वर इतनी शक्ति दे कि उनकी मनोकामना पूर्ण हो क्या किसी ने यह प्रार्थना की?

एक बात और कभी सोचा इस तरह के टपोरी टाइप मेसेज वैलेंटाइन डे के ऊपर क्यूँ नही बनते की आज कोई मुर्गा फंसेगा ,
क्यूँ सिर्फ हिन्दू त्योहारों का मज़ाक बनता है।
कब समझेंगे हम ? कब सुधरेंगे हम?
यह कोई साधारण व्रत नही है एक तप है जो सिर्फ एक भारतीय महिला ही कर सकती है। पूरे दिन निर्जला रहना कोई आसान काम नही है।
अतः सभी जोक्स भेजने वालो से निवेदन है की अपने धर्म और त्यौहार की मज़ाक बनाने से पहले उसकी महत्ता को जान लें ..🙏🏼

जन भारत टाइम्स

संपादक
धीरेन्द्र त्रिपाठी
9971020085

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